Aarti Lyrics

Karva Chauth Aarti Lyrics in Hindi

करवा चौथ के दिन शाम की पूजा में करवा माता की यह आरती गाई जाती है। सुहागिन महिलाएँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र के लिए यह आरती करती हैं। नीचे पूरे बोल हिंदी में, अंग्रेज़ी में और साथ में सरल अर्थ दिया गया है।

करवा चौथ आरती के बोल (Hindi)

ॐ जय करवा मैया,
माता जय करवा मैया ।
जो व्रत करे तुम्हारा,
पार करो नइया ॥
॥ ॐ जय करवा मैया..॥

सब जग की हो माता,
तुम हो रुद्राणी ।
यश तुम्हारा गावत,
जग के सब प्राणी ॥
॥ ॐ जय करवा मैया..॥

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी,
जो नारी व्रत करती ।
दीर्घायु पति होवे,
दुख सारे हरती ॥
॥ ॐ जय करवा मैया..॥

होए सुहागिन नारी,
सुख सम्पत्ति पावे ।
गणपति जी बड़े दयालु,
विघ्न सभी नाशे ॥
॥ ॐ जय करवा मैया..॥

करवा मैया की आरती,
व्रत कर जो गावे ।
व्रत हो जाता पूरन,
सब विधि सुख पावे ॥
॥ ॐ जय करवा मैया..॥

Karva Chauth Aarti Lyrics in English

Om jai Karwa Maiya,
Mata jai Karwa Maiya.
Jo vrat kare tumhara,
Paar karo naiya.
|| Om jai Karwa Maiya.. ||

Sab jag ki ho mata,
Tum ho Rudrani.
Yash tumhara gaavat,
Jag ke sab prani.
|| Om jai Karwa Maiya.. ||

Kartik Krishna Chaturthi,
Jo nari vrat karti.
Deerghayu pati hove,
Dukh saare harti.
|| Om jai Karwa Maiya.. ||

Hoye suhagin nari,
Sukh sampatti paave.
Ganpati ji bade dayalu,
Vighna sabhi naashe.
|| Om jai Karwa Maiya.. ||

Karwa Maiya ki aarti,
Vrat kar jo gaave.
Vrat ho jata puran,
Sab vidhi sukh paave.
|| Om jai Karwa Maiya.. ||

आरती का अर्थ (Meaning)

आरती में करवा माता से प्रार्थना है कि जो उनका व्रत रखे, उसकी नैया पार लगे। दूसरे छंद में उन्हें पूरे जगत की माता और रुद्राणी कहा गया है, जिनका यश सारे प्राणी गाते हैं। तीसरा छंद बताता है कि कार्तिक कृष्ण चतुर्थी का यह व्रत पति को दीर्घायु देता है और दुख हर लेता है। आगे सुहाग और सुख-सम्पत्ति की कामना है, और गणेश जी से विघ्न दूर करने की प्रार्थना। अंतिम छंद में कहा गया है कि जो व्रत रखकर यह आरती गाता है, उसका व्रत पूरा होता है और हर तरह का सुख मिलता है।

करवा चौथ आरती का महत्व

करवा चौथ कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को पड़ता है। इस दिन महिलाएँ सूर्योदय से चंद्रोदय तक बिना अन्न-जल के व्रत रखती हैं। शाम की पूजा में करवा माता और गणेश जी की कथा सुनने के बाद यह आरती गाई जाती है। इसके बाद चंद्रोदय होने पर छलनी से चाँद और पति का मुख देखकर व्रत खोला जाता है। साल 2026 में करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को है।

आरती जानकारी

देवताकरवा माता
भाषाहिंदी
प्रकारआरती
अवसरकरवा चौथ (कार्तिक कृष्ण चतुर्थी)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

करवा चौथ की आरती कब गाई जाती है?

शाम को करवा माता की पूजा और व्रत कथा के बाद, चाँद निकलने से पहले यह आरती गाई जाती है।

क्या आरती के बाद ही व्रत खोला जाता है?

हाँ। आरती और पूजा के बाद चंद्रोदय होने पर छलनी से चाँद और पति का मुख देखा जाता है, फिर पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोला जाता है।

साल 2026 में करवा चौथ कब है?

29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को।