Aarti Lyrics

Ahoi Mata Aarti Lyrics in Hindi

अहोई अष्टमी के दिन माताएँ अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए व्रत रखती हैं, और शाम को तारे देखने के बाद अहोई माता की यह आरती गाती हैं। नीचे पूरे बोल हिंदी में, अंग्रेज़ी में और साथ में सरल अर्थ दिया गया है।

अहोई माता आरती के बोल (Hindi)

जय अहोई माता,
जय अहोई माता ।
तुमको निसदिन ध्यावत,
हर विष्णु विधाता ॥
॥ जय अहोई माता..॥

ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला,
तू ही है जगमाता ।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,
नारद ऋषि गाता ॥
॥ जय अहोई माता..॥

माता रूप निरंजन,
सुख-सम्पत्ति दाता ।
जो कोई तुमको ध्यावत,
नित मंगल पाता ॥
॥ जय अहोई माता..॥

तू ही पाताल बसंती,
तू ही है शुभदाता ।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक,
जगनिधि से त्राता ॥
॥ जय अहोई माता..॥

जिस घर थारो वासा,
वाहि में गुण आता ।
कर न सके सोई कर ले,
मन नहीं धड़काता ॥
॥ जय अहोई माता..॥

तुम बिन सुख न होवे,
न कोई पुत्र पाता ।
खान-पान का वैभव,
तुम बिन नहीं आता ॥
॥ जय अहोई माता..॥

शुभ गुण सुंदर युक्ता,
क्षीर निधि जाता ।
रतन चतुर्दश तोकू,
कोई नहीं पाता ॥
॥ जय अहोई माता..॥

श्री अहोई माँ की आरती,
जो कोई गाता ।
उर उमंग अति उपजे,
पाप उतर जाता ॥
॥ जय अहोई माता..॥

Ahoi Mata Aarti Lyrics in English

Jai Ahoi Mata,
Jai Ahoi Mata.
Tumko nisdin dhyavat,
Har Vishnu Vidhata.
|| Jai Ahoi Mata.. ||

Brahmani, Rudrani, Kamala,
Tu hi hai jagmata.
Surya-Chandrama dhyavat,
Narad Rishi gata.
|| Jai Ahoi Mata.. ||

Mata roop niranjan,
Sukh-sampatti data.
Jo koi tumko dhyavat,
Nit mangal pata.
|| Jai Ahoi Mata.. ||

Tu hi Patal basanti,
Tu hi hai shubhdata.
Karm-prabhav prakashak,
Jagnidhi se trata.
|| Jai Ahoi Mata.. ||

Jis ghar tharo vasa,
Vahi mein gun aata.
Kar na sake soi kar le,
Man nahin dhadkata.
|| Jai Ahoi Mata.. ||

Tum bin sukh na hove,
Na koi putra pata.
Khan-paan ka vaibhav,
Tum bin nahin aata.
|| Jai Ahoi Mata.. ||

Shubh gun sundar yukta,
Ksheer nidhi jata.
Ratan chaturdash toku,
Koi nahin pata.
|| Jai Ahoi Mata.. ||

Shri Ahoi Maa ki aarti,
Jo koi gata.
Ur umang ati upje,
Paap utar jata.
|| Jai Ahoi Mata.. ||

आरती का अर्थ (Meaning)

पहले छंद में अहोई माता को वह शक्ति कहा गया है जिनका ध्यान शिव, विष्णु और ब्रह्मा तक करते हैं। दूसरे छंद में उन्हें ब्रह्माणी, रुद्राणी और कमला, यानी तीनों देवियों का रूप बताया गया है। आगे कहा गया है कि जो उन्हें याद करता है उसे रोज़ मंगल मिलता है, और जिस घर में उनका वास हो उस घर में गुण आते हैं और मन डरता नहीं। छठे छंद में माताओं की मुख्य कामना है कि उनके बिना न सुख मिलता है न संतान। अंतिम छंद कहता है कि जो यह आरती गाता है उसके मन में उमंग भर जाती है और पाप दूर हो जाते हैं।

अहोई अष्टमी आरती का महत्व

अहोई अष्टमी कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी को आती है, यानी दिवाली से ठीक आठ दिन पहले। यह व्रत माताएँ संतान की लंबी उम्र और सुख के लिए रखती हैं। दिन भर निर्जल रहकर शाम को दीवार या कागज़ पर अहोई माता का चित्र बनाकर पूजा की जाती है, कथा सुनी जाती है और यह आरती गाई जाती है। व्रत तारे देखकर खोला जाता है। साल 2026 में अहोई अष्टमी 1 नवंबर, रविवार को है।

आरती जानकारी

देवताअहोई माता
भाषाहिंदी
प्रकारआरती
अवसरअहोई अष्टमी (कार्तिक कृष्ण अष्टमी)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

अहोई अष्टमी की आरती कब गाई जाती है?

शाम को अहोई माता का चित्र बनाकर पूजा और कथा के बाद यह आरती गाई जाती है, फिर तारे देखकर व्रत खोला जाता है।

अहोई अष्टमी का व्रत कौन रखता है?

यह व्रत मुख्य रूप से माताएँ अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए रखती हैं।

साल 2026 में अहोई अष्टमी कब है?

1 नवंबर 2026, रविवार को।