“शेंदुर लाल चढ़ायो” श्री गणेश की प्रसिद्ध आरती है, जो गणेश चतुर्थी और गणपति पूजा में “सुखकर्ता दुखहर्ता” के साथ गाई जाती है। नीचे पूरे बोल हिंदी और English दोनों में, अर्थ और महत्व के साथ दिए गए हैं।
शेंदुर लाल चढ़ायो आरती के बोल (Hindi)
शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको । दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको । हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको । महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज । विद्या सुखदाता, धन्य तुम्हारा दर्शन । मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥ अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि । विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी । कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी । गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज । विद्या सुखदाता, धन्य तुम्हारा दर्शन । मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥ भावभगत से कोई शरणागत आवे । संतत संपत सबही भरपूर पावे । ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे । गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज । विद्या सुखदाता, धन्य तुम्हारा दर्शन । मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥
Shendur Laal Chadhayo Lyrics in English
Shendur Laal Chadhayo Achha Gajmukhko Dondil Laal Biraje Sut Gauriharko Haath Liye Gudladdu Sai Survarko Mahima Kahe Na Jaay Lagat Hoon Padko Jai Dev Jai Dev Jai Jai Shri Ganraj Vidya Sukhdata Dhanya Tumhara Darshan Mera Man Ramta Jai Dev Jai Dev Ashtau Siddhi Dasi Sankatko Bairi Vighnavinashan Mangal Moorat Adhikari Kotisurajprakash Aisi Chhabi Teri Gandsthalmadmastak Jhule Shashibihari Jai Dev Jai Dev Jai Jai Shri Ganraj Vidya Sukhdata Dhanya Tumhara Darshan Mera Man Ramta Jai Dev Jai Dev Bhavbhagat Se Koi Sharanagat Aave Santat Sampat Sabahi Bharpur Paave Aise Tum Maharaj Moko Ati Bhaave Gosavinandan Nishidin Gun Gaave Jai Dev Jai Dev Jai Jai Shri Ganraj Vidya Sukhdata Dhanya Tumhara Darshan Mera Man Ramta Jai Dev Jai Dev
आरती का अर्थ (Meaning)
इस आरती में गजमुख गणेश जी की स्तुति है, जिन्हें सिंदूर अर्पित किया जाता है। गौरी-शंकर के पुत्र, हाथ में गुड़-लड्डू लिए गणराज की महिमा अवर्णनीय है। आठों सिद्धियाँ उनकी दासी हैं, वे विघ्नों का नाश करने वाले और करोड़ों सूर्यों समान तेजस्वी हैं। जो भाव और भक्ति से शरण में आता है, वह संतान और संपत्ति से भरपूर होता है।
इस आरती का महत्व
महाराष्ट्र और पूरे भारत में गणपति पूजा के समय “सुखकर्ता दुखहर्ता” के बाद यह आरती गाई जाती है। गणेश चतुर्थी के दस दिनों में इसका विशेष महत्व है।
आरती जानकारी
| देवता | श्री गणेश |
| भाषा | हिंदी |
| प्रकार | आरती |
| अवसर | गणेश चतुर्थी, गणपति पूजा |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
शेंदुर लाल चढ़ायो किसकी आरती है?
यह श्री गणेश जी की आरती है।
यह आरती कब गाई जाती है?
गणपति पूजा और गणेश चतुर्थी में, आमतौर पर “सुखकर्ता दुखहर्ता” के बाद।
क्या इस पेज पर पूरे बोल हिंदी और English में हैं?
हां, ऊपर पूरी आरती हिंदी (देवनागरी) और English दोनों में दी गई है।