Aarti Lyrics

Shitala Mata Aarti Lyrics in Hindi

शीतला अष्टमी यानी बसोडा पर माँ शीतला की यह आरती गाई जाती है। इस दिन ठंडा भोजन चढ़ाया जाता है और चूल्हा नहीं जलाया जाता। नीचे पूरे बोल हिंदी में, अंग्रेज़ी में और साथ में सरल अर्थ दिया गया है।

शीतला माता आरती के बोल (Hindi)

जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
आदि ज्योति महारानी,
सब फल की दाता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

रतन सिंहासन शोभित,
श्वेत छत्र भाता ।
ऋद्धि-सिद्धि चँवर डोलावें,
जगमग छवि छाता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

विष्णु सेवत ठाढ़े,
सेवें शिव धाता ।
वेद पुराण वरणत,
पार नहीं पाता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

इन्द्र मृदङ्ग बजावत,
चन्द्र वीणा हाथा ।
सूरज ताल बजावै,
नारद मुनि गाता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

घण्टा शङ्ख शहनाई,
बाजै मन भाता ।
करै भक्त जन आरती,
लखि लखि हर्षाता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

ब्रह्म रूप वरदानी,
तुही तीन काल ज्ञाता ।
भक्तन को सुख देती,
मातु पिता भ्राता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

जो जन ध्यान लगावे,
प्रेम शक्ति पाता ।
सकल मनोरथ पावे,
भवनिधि तर जाता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

रोगों से जो पीड़ित कोई,
शरण तेरी आता ।
कोढ़ी पावे निर्मल काया,
अन्ध नेत्र पाता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

बांझ पुत्र को पावे,
दारिद्र कट जाता ।
ताको भजै जो नाहीं,
सिर धुनि पछताता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

शीतल करती जन की,
तू ही है जग त्राता ।
उत्पत्ति बाला बिनाशन,
तू सब की माता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

दास नारायण,
कर जोरी माता ।
भक्ति आपनी दीजै,
और न कुछ माता ॥
॥ ॐ जय शीतला माता..॥

Shitala Mata Aarti Lyrics in English

Jai Shitala Mata,
Maiya jai Shitala Mata.
Aadi jyoti maharani,
Sab phal ki data.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Ratan singhasan shobhit,
Shwet chhatra bhata.
Riddhi-siddhi chanvar dolaven,
Jagmag chhavi chhata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Vishnu sevat thadhe,
Seven Shiv dhata.
Ved Puran varnat,
Paar nahin pata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Indra mridang bajavat,
Chandra veena hatha.
Sooraj taal bajavai,
Narad muni gata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Ghanta shankh shahnai,
Bajai man bhata.
Karai bhakt jan aarti,
Lakhi lakhi harshata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Brahma roop vardani,
Tuhi teen kaal gyata.
Bhaktan ko sukh deti,
Matu pita bhrata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Jo jan dhyan lagave,
Prem shakti pata.
Sakal manorath paave,
Bhavnidhi tar jata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Rogon se jo peedit koi,
Sharan teri aata.
Kodhi paave nirmal kaya,
Andh netra pata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Banjh putra ko paave,
Daridra kat jata.
Tako bhajai jo nahin,
Sir dhuni pachhtata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Sheetal karti jan ki,
Tu hi hai jag trata.
Utpatti bala binashan,
Tu sab ki mata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

Das Narayan,
Kar jori mata.
Bhakti aapni deejai,
Aur na kuchh mata.
|| Om jai Shitala Mata.. ||

आरती का अर्थ (Meaning)

आरती माँ शीतला को आदि ज्योति महारानी और सब फल देने वाली कहती है। शुरू के छंदों में उनका दरबार है, रत्नों का सिंहासन, सफेद छत्र, और विष्णु, शिव तथा ब्रह्मा तक उनकी सेवा में खड़े हैं। आगे इन्द्र, चंद्र, सूर्य और नारद वाद्य बजाते हुए वर्णित हैं। बीच के छंदों में वह फल है जो मान्यता से जुड़ा है, रोग से पीड़ित को निर्मल काया, अंधे को नेत्र और निःसंतान को संतान। अंतिम छंद में रचयिता नारायण हाथ जोड़कर केवल भक्ति माँगता है, और कुछ नहीं।

शीतला माता आरती का महत्व

माँ शीतला को शीतलता और रोगमुक्ति की देवी माना जाता है। शीतला अष्टमी, जिसे बसोडा भी कहा जाता है, चैत्र मास की कृष्ण अष्टमी को मनाई जाती है। इस दिन की खास परंपरा यह है कि भोजन एक दिन पहले बनाकर रखा जाता है और अष्टमी को ठंडा भोग चढ़ाया जाता है, चूल्हा नहीं जलाया जाता। राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में यह पर्व बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। साल 2027 में शीतला अष्टमी 30 मार्च को है।

आरती जानकारी

देवतामाँ शीतला
भाषाहिंदी
प्रकारआरती
अवसरशीतला अष्टमी, बसोडा, चैत्र कृष्ण अष्टमी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

शीतला माता की आरती कब गाई जाती है?

शीतला अष्टमी यानी बसोडा के दिन ठंडा भोग चढ़ाकर यह आरती गाई जाती है।

बसोडा में चूल्हा क्यों नहीं जलाते?

परंपरा के अनुसार इस दिन शीतलता का महत्व है, इसलिए भोजन एक दिन पहले बनाकर रखा जाता है और ठंडा ही चढ़ाया जाता है।

साल 2027 में शीतला अष्टमी कब है?

30 मार्च 2027 को।