Aarti Lyrics

Sakat Chauth Aarti Lyrics in Hindi

सकट चौथ यानी माघ मास की कृष्ण चतुर्थी पर माताएँ संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, और शाम की पूजा में चौथ माता की यह आरती गाती हैं। नीचे पूरे बोल हिंदी में, अंग्रेज़ी में और साथ में सरल अर्थ दिया गया है।

सकट चौथ आरती के बोल (Hindi)

ओम जय श्री चौथ मैया,
बोलो जय श्री चौथ मैया ।
सच्चे मन से सुमिरे,
सब दुःख दूर भया ॥
॥ ओम जय श्री चौथ मैया..॥

ऊंचे पर्वत मंदिर,
शोभा अति भारी ।
देखत रूप मनोहर,
असुरन भयकारी ॥
॥ ओम जय श्री चौथ मैया..॥

महासिंगार सुहावन,
ऊपर छत्र फिरे ।
सिंह की सवारी सोहे,
कर में खड्ग धरे ॥
॥ ओम जय श्री चौथ मैया..॥

बाजत नौबत द्वारे,
अरु मृदंग डैरु ।
चौसठ जोगन नाचत,
नृत्य करे भैरू ॥
॥ ओम जय श्री चौथ मैया..॥

बड़े बड़े बलशाली,
तेरा ध्यान धरे ।
ऋषि मुनि नर देवा,
चरणो आन पड़े ॥
॥ ओम जय श्री चौथ मैया..॥

चौथ माता की आरती,
जो कोई सुहगन गावे ।
बढ़त सुहाग की लाली,
सुख सम्पति पावे ॥
॥ ओम जय श्री चौथ मैया..॥

Sakat Chauth Aarti Lyrics in English

Om jai Shri Chauth Maiya,
Bolo jai Shri Chauth Maiya.
Sachche man se sumire,
Sab dukh door bhaya.
|| Om jai Shri Chauth Maiya.. ||

Unche parvat mandir,
Shobha ati bhari.
Dekhat roop manohar,
Asuran bhaykari.
|| Om jai Shri Chauth Maiya.. ||

Mahasingar suhavan,
Upar chhatra phire.
Sinh ki savari sohe,
Kar mein khadg dhare.
|| Om jai Shri Chauth Maiya.. ||

Bajat naubat dvare,
Aru mridang dairu.
Chausath jogan nachat,
Nritya kare Bhairu.
|| Om jai Shri Chauth Maiya.. ||

Bade bade balshali,
Tera dhyan dhare.
Rishi muni nar deva,
Charano aan pade.
|| Om jai Shri Chauth Maiya.. ||

Chauth Mata ki aarti,
Jo koi suhagan gaave.
Badhat suhag ki laali,
Sukh sampati paave.
|| Om jai Shri Chauth Maiya.. ||

आरती का अर्थ (Meaning)

आरती चौथ माता को सच्चे मन से याद करने पर सब दुख दूर होने की बात से शुरू होती है। दूसरे और तीसरे छंद में पर्वत पर बने मंदिर और माता का शृंगार है, सिर पर छत्र, सिंह की सवारी और हाथ में खड्ग। चौथे छंद में दरबार का वर्णन है, नौबत और मृदंग बज रहे हैं और चौसठ योगिनियाँ नाच रही हैं। पाँचवाँ छंद कहता है कि बड़े-बड़े बलशाली और ऋषि-मुनि भी उनके चरणों में आते हैं। अंतिम छंद में कहा गया है कि जो सुहागिन यह आरती गाती है उसका सुहाग बढ़ता है और सुख-सम्पत्ति मिलती है।

सकट चौथ आरती का महत्व

सकट चौथ को सकट चतुर्थी, तिल चौथ या संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है। यह माघ मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को पड़ता है। इस दिन माताएँ संतान की लंबी उम्र और सुख के लिए व्रत रखती हैं। पहले गणेश जी की पूजा और आरती होती है, फिर चौथ माता की यह आरती गाई जाती है, और तिल का भोग लगाया जाता है। व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोला जाता है। साल 2027 में सकट चौथ 25 जनवरी को है।

आरती जानकारी

देवताचौथ माता (सकट माता)
भाषाहिंदी
प्रकारआरती
अवसरसकट चौथ (माघ कृष्ण चतुर्थी), संकष्टी चतुर्थी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सकट चौथ की आरती कब गाई जाती है?

शाम की पूजा में गणेश जी की आरती के बाद चौथ माता की यह आरती गाई जाती है।

सकट चौथ का व्रत कौन रखता है?

माताएँ अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख के लिए यह व्रत रखती हैं।

साल 2027 में सकट चौथ कब है?

25 जनवरी 2027 को।