छठ पूजा के चार दिनों में घाट पर और घर में यही प्राचीन आरती सबसे ज़्यादा गाई जाती है। यह भोजपुरी में है और सूप में चढ़ने वाले फलों के आस-पास बुनी गई है। नीचे पूरे बोल हिंदी में, अंग्रेज़ी में और साथ में सरल अर्थ दिया गया है।
छठी मैया आरती के बोल (Hindi)
जय छठी मैया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥ मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥ ॥ जय छठी मैया ॥ ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥ ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥ ॥ जय छठी मैया ॥ मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥ ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥ ॥ जय छठी मैया ॥ अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥ मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥ ॥ जय छठी मैया ॥ ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥ शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥ ॥ जय छठी मैया ॥ मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥ ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥ ॥ जय छठी मैया ॥ ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥ मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥ ॥ जय छठी मैया ॥ ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥ सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मंडराए ॥ ॥ जय छठी मैया ॥ मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए ॥ ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय ॥ ॥ जय छठी मैया ॥
Chhathi Maiya Aarti Lyrics in English
Jai Chhathi Maiya oo je kerwa je farela khabad se, Oh par suga mandraye. Marbo re sugwa dhanukh se, Suga gire murjhaye. || Jai Chhathi Maiya || Oo je sugni je roeli viyog se, Aadit hoi na sahay. Oo je nariyar je farela khabad se, Oh par suga mandraye. || Jai Chhathi Maiya || Marbo re sugwa dhanukh se, Suga gire murjhaye. Oo je sugni je roeli viyog se, Aadit hoi na sahay. || Jai Chhathi Maiya || Amrudwa je farela khabad se, Oh par suga mandraye. Marbo re sugwa dhanukh se, Suga gire murjhaye. || Jai Chhathi Maiya || Oo je sugni je roeli viyog se, Aadit hoi na sahay. Sharifwa je farela khabad se, Oh par suga mandraye. || Jai Chhathi Maiya || Marbo re sugwa dhanukh se, Suga gire murjhaye. Oo je sugni je roeli viyog se, Aadit hoi na sahay. || Jai Chhathi Maiya || Oo je sewwa je farela khabad se, Oh par suga mandraye. Marbo re sugwa dhanukh se, Suga gire murjhaye. || Jai Chhathi Maiya || Oo je sugni je roeli viyog se, Aadit hoi na sahay. Sabhe phalwa je farela khabad se, Oh par suga mandraye. || Jai Chhathi Maiya || Marbo re sugwa dhanukh se, Suga gire murjhaye. Oo je sugni je roeli viyog se, Aadit hoi na sahay. || Jai Chhathi Maiya ||
आरती का अर्थ (Meaning)
यह आरती भोजपुरी में है और एक ही चित्र को बार-बार दोहराती है। केले की घवद पर एक सुग्गा यानी तोता मंडरा रहा है। व्रती कहती है कि वह धनुष से सुग्गे को मारेगी, और सुग्गा गिरकर मुरझा जाता है। तब उसकी संगिनी वियोग में रोती है और प्रार्थना होती है कि आदित्य यानी सूर्यदेव नाराज़ न हों। यही पंक्तियाँ फिर नारियल, अमरूद, शरीफा, सेब और अंत में सभी फलों के लिए दोहराई जाती है। ये वही फल हैं जो छठ के सूप में रखकर घाट पर अर्घ्य के समय चढ़ाए जाते हैं। सीधे शब्दों में यह गीत छठ के प्रसाद और उसकी पवित्रता को संजोने की बात कहता है।
छठ पूजा आरती का महत्व
छठ पूजा चार दिन का व्रत है, जो नहाय खाय से शुरू होकर खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य पर पूरा होता है। यह बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड का सबसे बड़ा पर्व है। व्रती नदी या तालाब के घाट पर खड़े होकर डूबते और फिर उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। सूप में ठेकुआ, नारियल, केला और मौसमी फल रखे जाते हैं, और इसी समय यह आरती गाई जाती है। साल 2026 में छठ पूजा का मुख्य दिन 15 नवंबर, रविवार को है।
आरती जानकारी
| देवता | छठी मैया और सूर्यदेव |
| भाषा | भोजपुरी (हिंदी लिपि) |
| प्रकार | आरती |
| अवसर | छठ पूजा, सूर्य षष्ठी, चैती छठ |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
छठी मैया की आरती कब गाई जाती है?
छठ के चारों दिन यह आरती गाई जाती है, पर सबसे ज़्यादा संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के समय घाट पर।
आरती में सुग्गे और फलों का ज़िक्र क्यों है?
जिन फलों का नाम आता है, वे सभी छठ के सूप में रखकर अर्घ्य के समय चढ़ाए जाते हैं। गीत इसी प्रसाद की पवित्रता की बात कहता है।
साल 2026 में छठ पूजा कब है?
मुख्य दिन यानी संध्या अर्घ्य 15 नवंबर 2026, रविवार को है।